जनपद में बद्रीनाथ, औली, जोशीमठ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की बर्फबारी सुबह से जारी रही । जोशीमठ में राहत कार्य प्रभावित कई सम्पर्क मार्ग अवरूद्ध
जनपद में बद्रीनाथ, औली, जोशीमठ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की बर्फबारी सुबह से जारी रही ।
सुबह से हो रही है बर्फबारी, जोशीमठ नगर के सुनील, परसारी, नोग, डांडो, अपर बाजार, सहित पैंका, रविग्राम, मनोटी, लामारी, गांव में भी बिछी बर्फ की सफेद चादर, ढक गयी है
▶️मंडल-चोपता मोटर मार्ग बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हो गया है।
हिम क्रीड़ा स्थली औली सहित ऊँचाई वाले इलाके भी बर्फबारी के चलते हुए सराबोर साल की पहली बर्फबारी होने से जहाँ सेब बागवानों के चेहरों पर खुशी लौटी है वहीं बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों की मुराद पूरी हुई है लेकिन इस बर्फबारी से प्रशासन को जोशीमठ मे भूधसाव आपदा राहत कार्यों सहित राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अभी बर्फबारी शुरू हुई है लेकिन लगातार हिमपात होने से प्रशासन को राहत बचाव सहित वैज्ञानिकों के दलों को जाँच सहित सर्वे कार्यों को करने मे मुश्किलें जरूर पैदा हो सकती है
अब जब बर्फ अभी तक ही एक फीट के लगभग गिर चुकी है और जारी है तो बर्फ का पानी भीतर सीपेज होना निश्चित है
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति का आरोप है समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गयी जिससे जोशीमठ के लोगों पर संकट बढ़ सकता है
हालांकी खतरे वाले अधिकांश घरों को खाली करवा दिया गया है । जिससे लोगों की जान तो बची है । पर 600 से ज्यादा दरार वाले घरों में लोग अभी भी रह रहे हैं । इन घरों की दरारें बर्फ के बाद और गहरी होंगी । तब ये भी खतरे में आएंगे ।
आशंका जताई जा रही है इस बर्फबारी और बारिश से बन्द पड़े भीतरी जल स्रोत और नाले बर्फ से रिचार्ज हो सक्रीय होंगे तो जमीन के खिसकने की रफ्तार बढ़ेगी । ऐसे में आंशिक दरारों एवं धंसाव वाली जगहों घरों पर गम्भीर खतरा होगा ।
इसीलिए अधिकांश आबादी को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की बात उठी थी ।
जब पूरा नगर ही धंसाव की जद में है ऐसे में बर्फबारी से यह खतरा बढ़ेगा ।अधिकतर प्रभावितों को जोशीमठ के होटलों में रखा गया है उनमें भी असुरक्षा की भावना घर कर गयी है क्योंकि बर्फबारी की चेतावनी आगे भी है