बीकेटीसी बोर्ड बैठक में द्वितीय चरण की यात्रा व्यवस्थाओं पर मंथन
32 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के दर्शन, 76 करोड़ से अधिक की आय
जनगणमन.लाइव
ऋषिकेश, 12 सितंबर 2026।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। भगवान बदरीविशाल एवं भगवान केदारनाथ की स्तुति के साथ बैठक का विधिवत शुभारंभ हुआ। बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्यों का स्वागत करने के बाद पिछली बोर्ड बैठक के निर्णयों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की गई तथा विभिन्न एजेंडों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री का जताया आभार
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देशन में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने प्रथम चरण की यात्रा के सफल संचालन के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अब द्वितीय चरण की यात्रा शुरू हो रही है और इसके लिए यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम एवं श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। वहीं 32 लाख से अधिक श्रद्धालु श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। चारधाम यात्रा के लिए अब तक 60 लाख से अधिक पंजीकरण किए जा चुके हैं।
बीकेटीसी के अनुसार अब तक 17,22,908 श्रद्धालु श्री बदरीनाथ धाम तथा 14,92,047 श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। दोनों धामों से मंदिर समिति को अब तक 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। अध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक करीब 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि यात्रा के कपाट बंद होने में अभी करीब दो माह शेष हैं।
द्वितीय चरण की यात्रा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर

बैठक का संचालन करते हुए बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बोर्ड के समक्ष विभिन्न प्रस्ताव एवं एजेंडा रखे। बैठक में द्वितीय चरण की यात्रा व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने, मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
बोर्ड बैठक में गुप्तकाशी के शोणितपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नामकरण समिति के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम पर करने, बीकेटीसी वेबसाइट के आधुनिकीकरण तथा यात्रा एसओपी में आवश्यक बदलाव पर विचार किया गया।
इसके अलावा बदरीनाथ-केदारनाथ धाम सहित अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था को और पुख्ता करने तथा चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
ओंकारेश्वर और तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव
बोर्ड ने श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के जीर्णोद्धार के द्वितीय चरण के कार्यों तथा श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की। इसके साथ ही श्री त्रियुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। चर्चा के बाद संबंधित प्रस्तावों को पारित किया गया।
कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक में बीकेटीसी कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने, स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति तथा असमय दिवंगत हुए अस्थायी कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के विषय पर चर्चा हुई।
इसके अलावा बिना स्थायी हुए कर्मचारियों के अधिवर्षता आयु पूरी करने पर एकमुश्त राशि दिए जाने, कर्मचारी सेवा नियमावली में आवश्यक सुधार तथा वेद एवं संस्कृत महाविद्यालय खोले जाने से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
हक-हकूकधारियों और अधीनस्थ मंदिरों से जुड़े विषयों पर चर्चा
बोर्ड बैठक में सीता माता मंदिर, चांई के जीर्णोद्धार, हक-हकूकधारियों, दस्तूरधारियों एवं बाजीगरों के आवेदनों तथा दस्तूर से जुड़े मामलों पर भी विचार किया गया। धामों में बढ़ती भीड़ के बेहतर प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों की सहायता लेने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बैठक में यात्रा और मंदिर व्यवस्थाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं श्रद्धालु-केंद्रित बनाने के साथ-साथ कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों पर आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सदस्य नीलम पुरी, राजपाल सिंह जड़धारी, महेंद्र शर्मा, दिनेश डोभाल, विनीत पोस्ती, प्रहलाद पुष्पवान, देवी प्रसाद दैवली, राजेंद्र डिमरी, धीरज पंचभैया मोनू, राकेश भंडारी, कमला बगवाड़ी, जेपी सेमवाल, राजकुमार तिवारी, रजनीश भट्ट सहित मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, एसएस बर्त्वाल, नोडल अधिकारी राकेश सेमवाल, डॉ. हरिश गौड़, अतुल डिमरी, संजय भट्ट, विश्वनाथ एवं दीपेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।









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