सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रदर्शनी आयोजित

ज्योतिर्मठ चमोली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ज्योतिर्मठ में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं ज्ञान वृद्धि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य शैक्षिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिन्दी, संस्कृत, गणित एवं अन्य विषयों से संबंधित आकर्षक तथा ज्ञानवर्धक मॉडल तथा चार्ट प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने-अपने मॉडल के माध्यम से विभिन्न विषयों की अवधारणाओं को सरल, रोचक और ढंग से समझाया।
विज्ञान प्रदर्शनी में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, स्वास्थ्य, नवाचार तथा आधुनिक तकनीकी तथा दैनिक जीवन में विज्ञान के प्रयोग से संबंधित मॉडल विशेष आकर्षण के केन्द्र रहे। वहीं सामाजिक विज्ञान के विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति इतिहास, भूगोल, लोकतंत्र, ग्राम विकास एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों के मॉडल एवं चार्ट के माध्यम से प्रस्तुत किए। हिन्दी एवं संस्कृत विषयों की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने भाषा, साहित्य, महापुरुषों, संस्कृत वाक्य तथा भारतीय संस्कृति से संबंधित रचनात्मक प्रदर्शनी प्रस्तुत की। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता विषय की समझ और प्रस्तुतीकरण क्षमता में आगन्तुकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के अभिभावक एवं शिक्षाविद् श्री ब्रजमोहन सिंह चौहान, श्री सुधीर सिंह कुंवर, श्री संजय कुंवर तथा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के अध्यापक श्री मयंक रावत जी ने माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास एवं वैज्ञानिक सोच का विकास करती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री भरत सिंह भण्डारी, श्री मनोज बुटोला, श्री हरेन्द्र नेगी, श्री नितिन भट्ट, श्रीमती चन्द्रकला, श्री पुष्पोत्तम, श्रीमती संगीता, श्रीमती आरती, कु० सलोनी, श्री प्रदीप एवं श्रीमती कमला ने मार्गदर्शक अध्यापक के रूप में विद्यार्थियों का सहयोग एवं मार्गदर्शन किया।
प्रदर्शनी के दौरान निर्णायक मण्डल ने विद्यार्थियों के मॉडल का विषय की स्पष्टता, मौलिकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रस्तुतीकरण, उपयोगिता, रचनात्मकता तथा प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता के आधार पर मूल्यांकन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री श्यामू प्रसाद चमोली जी ने कहा कि शैक्षिक प्रदर्शनी विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर प्रयोग, अनुसंधान, चिन्तन और नवाचार के लिए प्रेरित करती है।

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