कांग्रेस का आरोप: रुद्रप्रयाग के तीन निरीक्षण भवनों को औने-पौने दामों में नीलाम करेगी भाजपा सरकार

जनगणमन‌.लाईव रूद्रप्रयाग
कांग्रेस का आरोप: रुद्रप्रयाग के तीन निरीक्षण भवनों को औने-पौने दामों में नीलाम करेगी भाजपा सरकार
रुद्रप्रयाग। कांग्रेस पार्टी ने  प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार रुद्रप्रयाग जिले के लोक निर्माण विभाग के महत्वपूर्ण तीन निरीक्षण भवनों—दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी—को जल्द ही औने-पौने दामों में अपने चहेतों को नीलाम कर देगी। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से राज्य की हजारों बीघा जमीन और संपत्तियों को 90 साल तक के लिए निजी हाथों में सौंपने जा रही है।
कांग्रेस के अनुसार, इस कड़ी में यूआईआईडीबी ने नैनीताल के पटुवा डांगर की 14 एकड़ भूमि पर प्रीमियम रिजॉर्ट बनाने, हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन को पीपीपी मोड में पिछले दरवाजे से सितारा होटल बनाने के लिए निविदाएं आमंत्रित कर दी हैं। रुद्रप्रयाग के ये तीनों निरीक्षण भवन सड़क पहुंच मार्ग और सभी सुविधाओं से सुसज्जित हैं तथा ऐसे स्थानों पर स्थित हैं जहां कोई अन्य भूमि उपलब्ध नहीं है। इसलिए ये भूमियां बेशकीमती हैं और केदार घाटी की धरोहर भी हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हरिद्वार और ऋषिकेश की तरह सरकार इन भवनों की भूमि को भी सैकड़ों कक्षों वाले सितारा होटल बनाने के लिए नीलाम कर रही है।
पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब तक यूआईआईडीबी को 1200 एकड़ (लगभग 6000 बीघा से अधिक) सरकारी विभागों की जमीन देने के प्रस्तावों को मंजूरी दे चुके हैं। कई हजार बीघा जमीन के प्रस्ताव अभी भी अनुमति के लिए लंबित हैं। अब तक हुई तीन निविदाओं की शर्तों से साफ है कि सरकार का इरादा इन भूमियों और संपत्तियों को राज्य से बाहर के बड़े लोगों को आसान शर्तों पर देने का है। 90 साल बाद ये लीज होल्डर मालिक भी बन सकते हैं।
जमीनों के अलावा सरकार ने लोक निर्माण विभाग के 25 निरीक्षण भवनों और पर्यटन विभाग के कुछ होटलों को लीज पर निजी हाथों में देने का सैद्धांतिक निर्णय भी ले लिया है। 2022 में मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पास कर राज्य की जमीनों और संपत्तियों को यूआईआईडीबी के माध्यम से निजी हाथों में देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था।
कांग्रेस ने याद दिलाया कि इससे पहले 2023 में मसूरी स्थित पार्क एस्टेट (हाथीपांव) की लगभग 142 एकड़ सरकारी भूमि (बाजार भाव करीब 30 हजार करोड़ रुपये) को ‘राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ को 15 साल के लिए मात्र एक करोड़ रुपये प्रति वर्ष की लीज पर दे दिया गया था।
पार्टी का आरोप है कि अक्टूबर 2018 में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने भूकानून में बदलाव कर राज्य की निजी जमीनों को बेचने का रास्ता खोला था, जिसके बाद निजी भूमियां बिक गईं। पुष्कर धामी सरकार ने 2022 में भूकानून को और लचीला बनाते हुए औद्योगिक, होटल या शिक्षण संस्थान के लिए खरीदी जमीन को प्लाटिंग कर बेचने की अनुमति भी दे दी। अब सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण भूमियों और संपत्तियों पर नजर डाली जा रही है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि वह सरकार के इन मंसूबों को पूरा नहीं होने देगी। रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस कार्यकर्ता इन तीनों संपत्तियों पर रक्षा सूत्र बांधकर निजी हाथों में जाने के विरोध में आंदोलन शुरू करेंगे। पार्टी पूरे राज्य में सरकारी जमीनों और संपत्तियों को बचाने के लिए आंदोलन करेगी।
प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष कुलदीप कंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत, प्रवक्ता नरेंद्र बिष्ट, नगर पालिका अगस्त्यमुनि के राजेंद्र गोस्वामी, प्रदेश महामंत्री दीपा देवी आर्य, प्रदेश सचिव कुंवर सजवाण, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीश गुसाईं, महावीर चौधरी, विनोद राणा, बलदेव नेगी, कार्यालय प्रभारी मनोहर रावत, अंकुर रौथाण, देवेश्वरी देवी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट, नगर अध्यक्ष सुरेंद्र लाल, जिला महामंत्री भारत भूषण कठैत, विजयपाल राणा, संजय चौधरी आदि मौजूद रहे।

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