उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर
उत्तराखंड की राजनीति के एक मजबूत, ईमानदार और अनुशासनप्रिय चेहरे, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन से उत्तराखंड ने एक ऐसे जननेता को खो दिया, जिन्होंने राजनीति में सादगी, ईमानदारी और सुशासन की मिसाल कायम की।
भुवन चंद्र खंडूरी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में हुआ था। भारतीय सेना में लंबी और गौरवशाली सेवा के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अपनी साफ-सुथरी छवि के दम पर जनता के बीच विशेष पहचान बनाई।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल
भुवन चंद्र खंडूरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार जिम्मेदारी संभाली—
7 मार्च 2007 से 26 जून 2009
11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012 मुख्यमंत्री उत्तराखंड
केंद्रीय मंत्री के रूप में भूमिका
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्होंने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल में देशभर में सड़क अवसंरचना को गति मिली और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मजबूती मिली।
प्रमुख उपलब्धियां
ईमानदार और सख्त प्रशासक के रूप में पहचान।
उत्तराखंड में सुशासन और पारदर्शिता पर विशेष जोर।
सड़क, आधारभूत ढांचे और ग्रामीण संपर्क मार्गों के विकास को प्राथमिकता।
राजनीति में स्वच्छ छवि और अनुशासन के लिए व्यापक सम्मान।
जनता के बीच “खंडूरी है जरूरी” जैसे लोकप्रिय नारे से पहचान।
प्रदेशभर में शोक
उनके निधन पर मुख्यमंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उत्तराखंड की राजनीति में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
जनगणमन.लाईव की ओर से मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को विनम्र श्रद्धांजलि। 🙏