नीती घाटी में फिर उफना नाला, तमक वैली ब्रिज बहा सम्पर्क टूटा सेब की फसल को नुकसान
नीती घाटी, चमोली। सीमांत क्षेत्र नीती घाटी में सोमवार को एक बार फिर मौसम का कहर देखने को मिला। 10 अगस्त 2026 को नीती-मलारी सड़क मार्ग पर तमक वैली ब्रिज के समीप नाले में अचानक बाढ़ आने से वैली ब्रिज बहा नदी किनारे लगी सेब की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि नाले में अचानक तेज बहाव के साथ पानी और मलबा आने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तमक वैली ब्रिज के ऊपर भी मलबा बहकर पहुंच गया, जिससे मार्ग पर आवाजाही को लेकर भी आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार नाले में बार-बार बाढ़ आने से नदी किनारे स्थित कृषि भूमि और फसलों को खतरा बढ़ता जा रहा है। इस बार सेब की फसल को नुकसान होने से किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का तत्काल निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने तथा नीती-मलारी मार्ग और पुल के आसपास सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमांत क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और अचानक बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए।
बार-बार नाले में बाढ़ आने से ग्रामीणों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और सड़क व पुल की सुरक्षा के लिए स्थायी उपाय किए जाने की मांग की है।