ज्योतिर्मठ, 25 सितंबर 2026। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर CISF सैलेंग ज्योतिर्मठ में आयुर्वेद की वर्तमान एडवांस थेरेपी और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर तपोवन के डॉक्टर कैलाश चंद्र ने आयुर्वेद में चल रही उन्नत चिकित्सा विधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मर्म चिकित्सा, विद कर्म, लीज थेरेपी (जलाौका चिकित्सा) तथा कैरो थेरेपी के साथ अग्निकर्म जैसी प्राचीन किंतु प्रभावी विधियां आज भी कई रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
डॉक्टर कैलाश चंद्र ने विशेष रूप से आयुर्वेदिक दिनचर्या के अनुपालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति आयुर्वेद द्वारा बताई गई दिनचर्या का नियमित पालन करे तो कई बीमारियों को आने से रोका जा सकता है। सही आहार-विहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाई जा सकती है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य भी बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित CISF कर्मियों और स्थानीय लोगों ने आयुर्वेद की इन प्राचीन ज्ञान-परंपराओं को आधुनिक जीवन में अपनाने के महत्व को समझा। डॉक्टर ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण विज्ञान है।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के इस अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने आयुर्वेद की समृद्ध विरासत और उसकी वर्तमान प्रासंगिकता को फिर से रेखांकित किया।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर CISF सैलेंग ज्योतिर्मठ में आयुर्वेदिक एडवांस थेरेपी पर विशेष जानकारी














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