माता कभी कुमाता नहीं होती* *ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज
जनगणमन.लाईव *माता कभी कुमाता नहीं होती* *ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज* 23 अक्टूबर जोशीमठ/ चमोली शक्ति और शक्तिमान् में कोई भेद नहीं होता। दोनों एक-दूसरे से अभिन्न है। जैसे मणि और मणि की प्रभा परस्पर अभिन्न है उसी प्रकार शक्ति और शक्तिमान् भी परस्पर अभिन्न है। इसीलिए चाहे हम भगवान् की […]Read More
