रूद्रनाथ धाम में बढ़ती भीड़ से व्यवस्थाओं पर दबाव, वन विभाग ने जताई चिंता
जनगणमन.लाईव चमोली
चतुर्थ केदार रूद्रनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ रही भीड़ के चलते अब यात्रा मार्ग और रात्रि विश्राम व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ने लगा है। वन विभाग ने भी माना है कि रूद्रनाथ यात्रा मार्ग अत्यंत दुर्गम एवं संवेदनशील वन क्षेत्र से होकर गुजरता है, ऐसे में ओवर क्राउड की स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दे रही है।
गोपेश्वर वन प्रभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि रूद्रनाथ यात्रा मार्ग केदारनाथ वन्य जीव अभयारण्य के संरक्षित एवं अति दुर्गम क्षेत्र से होकर गुजरता है। यहां यात्रियों के ठहरने की सीमित व्यवस्था है तथा ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी, अचानक मौसम परिवर्तन, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियां कभी भी चुनौती बन सकती हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर स्थित इको-विकास समितियों, मंदिर समिति की धर्मशालाओं और होटलों में प्रतिदिन केवल लगभग 250 यात्रियों के ठहरने की क्षमता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से व्यवस्थाएं प्रभावित होने लगी हैं। विभाग ने दोपहर 2 बजे के बाद यात्रा पर प्रतिबंध की बात भी दोहराई है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इधर रूद्रनाथ के मुख्य पुजारी ने भी धाम की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिमालयी धामों को मनोरंजन और पर्यटन स्थल में बदलने की प्रवृत्ति चिंताजनक है। श्रद्धालु आस्था और अनुशासन के साथ यात्रा करें तथा धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखें।
स्थानीय लोगों और यात्रा से जुड़े प्रबंधकों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा के एंट्री प्वाइंट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। भीड़ नियंत्रण, यात्रियों के पंजीकरण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए, अन्यथा आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यात्रा करें तथा मौसम और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए ही रूद्रनाथ धाम की यात्रा पर निकलें।