निजमुला-बिरही क्षेत्र में जंगल की आग बुझाते संविदा वनकर्मी की दर्दनाक मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन
चमोली जनपद के निजमुला-बिरही क्षेत्र में जंगल की आग बुझाने के दौरान एक संविदा वनकर्मी की दर्दनाक मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृतक की पहचान पाखी गांव निवासी के रूप में बताई जा रही है। घटना के बाद से परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी दुख और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग के साथ संविदा पर कार्यरत वनकर्मी जंगल में लगी आग बुझाने के अभियान में जुटा हुआ था। इसी दौरान हादसे का शिकार होकर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मृतक के परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले विभाग से उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। परिजनों का कहना है कि मृतक ही परिवार का मुख्य सहारा था, ऐसे में उसके जाने के बाद परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी परिजनों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जंगल की आग बुझाते हुए अपनी जान गंवाने वाले कर्मी के परिवार को केवल सांत्वना नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक और रोजगार सहायता मिलनी चाहिए।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे सर्वेश दुबे (डीएफओ) ने कहा कि विभाग की ओर से नियमानुसार हर संभव सहायता परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी और शासन स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर जंगल की आग से जूझ रहे वनकर्मियों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए