10–12 वर्षों से वीरान पड़ा सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र, पुनः संचालन की मांग तेज
विधायक भूपाल राम टम्टा को सौंपा ज्ञापन, कहा—हजारों पशुपालकों की जीवनरेखा है यह केन्द्र
जनगणमन.लाईव | थराली | 1 अगस्त
सोल क्षेत्र के ऐतिहासिक सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र को पुनः पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शनिवार को विधायक प्रतिनिधि मोहन सिंह रावत ‘सोलवासी’ तथा शिक्षाविद्, बहुभाषाविद् एवं समाजसेवी धर्म सिंह फरस्वाण ने थराली विधायक भोपाल राम टम्टा को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए वर्षों से बंद पड़े इस केन्द्र को तत्काल पुनर्जीवित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 1960 से पूर्व स्थापित सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र कभी सोल क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों सहित अनेक राजस्व ग्रामों के हजारों पशुपालकों और किसानों की आर्थिक रीढ़ हुआ करता था। यहां संचालित मेढ़ा प्रजनन केन्द्र, सांड एवं भैंसा गृह तथा पशु चिकित्सा एवं कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाओं ने लंबे समय तक क्षेत्र में पशुधन विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की।
ज्ञापन के अनुसार केन्द्र के माध्यम से उच्च नस्ल के मेढ़े, सांड और भैंसे उपलब्ध कराए जाते थे, जिससे बकरी, गाय और भैंसों की नस्ल सुधार के साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती थी। केन्द्र में तैनात पशुधन सहायक टीकाकरण, उपचार, रोग नियंत्रण, कृत्रिम गर्भाधान तथा तकनीकी सलाह जैसी आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराते थे।
ज्ञापन में चिंता व्यक्त की गई कि पिछले 10–12 वर्षों से केन्द्र में न तो कोई कर्मचारी तैनात है और न ही पशुपालन संबंधी कोई गतिविधि संचालित हो रही है। भवन, भूमि और अन्य आधारभूत संसाधन मौजूद होने के बावजूद केन्द्र उपेक्षा का शिकार होकर वीरान पड़ा है, जिससे क्षेत्र के हजारों पशुपालक परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
समाजसेवी धर्म सिंह फरस्वाण ने कहा कि यदि सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र को दोबारा पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए तो पशुधन की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, बकरी एवं डेयरी पालन को बढ़ावा, पशु रोगों पर नियंत्रण, किसानों की आय में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन तथा पलायन रोकने में बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है। इससे राज्य सरकार की आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन विकास योजनाओं को भी नई गति मिलेगी।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद विधायक भोपाल राम टम्टा ने आश्वासन दिया कि इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर पशुपालन मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र को पुनः संचालित कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सरकार शीघ्र इस ऐतिहासिक पशुपालन केन्द्र को पुनर्जीवित करती है तो इसका सीधा लाभ हजारों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा और पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी।यदि इसे जनगणमन.लाईव एक्सक्लूसिव अंदाज़ में और अधिक धारदार बनाना हो, तो मैं एक अधिक प्रभावशाली राजनीतिक और जनहित वाला संस्करण भी तैयार कर सकता हूँ।