गोपेश्वर-घिंघराण मोटरमार्ग बंद होने से दर्जनों गांवों की आवाजाही ठप, पर्याप्त बजट की मांग
गोपेश्वर। गोपेश्वर-घिंघराण मोटरमार्ग पर भूस्खलन के चलते पिछले दो दिनों से दर्जनों गांवों की आवाजाही प्रभावित है। सड़क मार्ग बंद होने से इन गांवों के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और रोजमर्रा की आवश्यकताओं पर सीधा असर पड़ रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों की आजीविका और अन्य जरूरी कार्यों के लिए गोपेश्वर नगर पर निर्भरता होने के कारण सड़क बंद होने से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष सूर्य पुरोहित ने शासन-प्रशासन से भूस्खलन की समस्या का तत्काल समाधान करने और प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
सूर्य पुरोहित ने कहा कि गोपेश्वर-घिंघराण मोटरमार्ग क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लिए जीवनरेखा है। इसी मार्ग से ग्रामीण गोपेश्वर पहुंचकर अपने जरूरी काम निपटाते हैं। सड़क बंद होने के कारण मरीजों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों सहित आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में अग्निवीर और विभिन्न फोर्सों की भर्ती की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं सुबह-शाम इसी सड़क मार्ग पर शारीरिक अभ्यास करते हैं। सड़क बाधित होने से इन युवाओं की भर्ती तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं।
सूर्य पुरोहित ने कहा कि नगरपालिका गोपेश्वर से जुड़े ब्रह्मसैंण तोक में रहने वाले 80 से अधिक परिवारों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। भूस्खलन के कारण आवागमन बाधित होने से इन परिवारों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
उन्होंने बताया कि पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था और उनके द्वारा बताया गया कि सड़क एवं प्रभावित क्षेत्र की समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी को 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सूर्य पुरोहित ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र की गंभीरता को देखते हुए यह राशि ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ के समान है।
उन्होंने कहा कि भूस्खलन से केवल सड़क बंद होने की समस्या नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और भविष्य में होने वाले नुकसान का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में सरकार को तत्काल पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करानी चाहिए, जिससे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा कार्य किए जा सकें और मोटरमार्ग को सुरक्षित तरीके से सुचारु किया जा सके।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने शासन-प्रशासन से मांग की कि प्रभावित स्थान पर तत्काल पर्याप्त मशीनरी लगाकर मलबा हटाया जाए तथा विशेषज्ञों की मदद से भूस्खलन क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराया जाए। इसके साथ ही सुरक्षा दीवार, ड्रेनेज और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त बजट स्वीकृत किया जाए।
ी उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को महज सड़क खोलने तक सीमित न रखते हुए क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा के रूप में देखना चाहिए, ताकि दर्जनों गांवों के लोगों का जनजीवन सामान्य हो सके और भविष्य में भूस्खलन की स्थिति में ग्रामीणों को फिर से ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।साथ ही अगर इस ओर गम्भीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो क्षेत्र वासी आंदोलन कै लिए मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी
Leave a Reply