चुनाव से पहले फिर गरमाया चमोली मेडिकल कॉलेज का मुद्दा

चुनाव से पहले फिर गरमाया चमोली मेडिकल कॉलेज का मुद्दा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी मंत्री को ज्ञापन, अब निगाहें गैरसैंण विधानसभा सत्र और प्रधानमंत्री मोदी के केदारनाथ दौरे पर
जनगणमन.लाइव | 2 अक्टूबर 2026
गोपेश्वर। सीमांत जनपद चमोली में मेडिकल कॉलेज की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। चुनावी वर्ष में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं चमोली के प्रभारी मंत्री भारत सिंह चौधरी को मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे जाने के बाद इस मुद्दे को लेकर सरकार के अगले कदम पर निगाहें टिक गई हैं।
मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर अब सवाल केवल मांग उठाए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या विधानसभा चुनाव से पहले धामी सरकार चमोली को मेडिकल कॉलेज की सौगात देगी?
गैरसैंण विधानसभा सत्र में क्या चमोली को मिलेगी बड़ी घोषणा?
उत्तराखंड विधानसभा का आगामी सत्र गैरसैंण में आयोजित होने की संभावना के बीच चमोली मेडिकल कॉलेज का मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सरकार 26 अक्टूबर से पहले विधानसभा सत्र आयोजित करने की तैयारी में है और गैरसैंण को सत्र स्थल बनाए जाने की संभावना पर काम चल रहा है। 1 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा भी की गई।
ऐसे में चमोली की जनता के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार चमोली मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई ठोस निर्णय या घोषणा कर सकती है?
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सांसद अनिल बलूनी ने फरवरी 2026 में चमोली जिले में मेडिकल कॉलेज की जल्द खुशखबरी मिलने की बात कही थी।
केदारनाथ में प्रधानमंत्री मोदी से भी उम्मीद
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित केदारनाथ दौरे को लेकर भी उत्तराखंड में विकास योजनाओं की संभावित घोषणाओं पर निगाहें लगी हैं।
ऐसे में चमोली के लोगों के बीच एक और बड़ा सवाल चर्चा में है—
क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ से उत्तराखंड को कोई बड़ी स्वास्थ्य सौगात देंगे?
क्या उस सौगात में सीमांत जनपद चमोली में मेडिकल कॉलेज की घोषणा भी शामिल हो सकती है?
फिलहाल ऐसी किसी घोषणा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे संभावित घोषणा के रूप में ही देखा जा रहा है।
मांग पुरानी, अब फैसला चाहिए
चमोली में मेडिकल कॉलेज की मांग लंबे समय से उठती रही है। पर्वतीय और सीमांत जिले में गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए ऋषिकेश, देहरादून अथवा अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को स्वास्थ्य सुविधा के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ चिकित्सकों और रोजगार से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जिले के प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद गेंद सरकार के पाले में है।
गैरसैंण में संभावित विधानसभा सत्र सामने है, प्रधानमंत्री का केदारनाथ दौरा प्रस्तावित है और विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे में चमोली के लोगों का सवाल सीधा है—क्या इस बार मेडिकल कॉलेज की मांग सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहेगी या चुनाव से पहले सरकार कोई ठोस फैसला लेकर चमोली को बड़ी सौगात देगी?

janganman

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share