ज्योतिर्मठ। विकासखंड के टंगड़ी-मल्ली गांव में करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पिछले चार वर्षों से अधूरा पड़ा है। सड़क निर्माण शुरू होने के बाद काम बीच में रुक जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण जल्द शुरू नहीं होने पर उग्र आंदोलन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण मरीजों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। गंभीर रूप से बीमार लोगों को पालकी या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इससे गांव के करीब 150 परिवार प्रभावित हैं और रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण वर्ष 2021-22 में शुरू हुआ था, लेकिन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत काम अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच और निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क की कटिंग से कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इससे स्थानीय मकानों के साथ ऐतिहासिक विश्वकर्मा मंदिर और भगवती माता मंदिर पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं, सड़क पर पक्की नालियों और सुरक्षा दीवारों का निर्माण नहीं होने से बरसात में जोखिम और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
ग्राम प्रधान सुनीता देवी, पंचायत सदस्य रमा राणा, नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष सौरभ प्रसाद और अभिभावक संघ अध्यक्ष संदीप कुमार ने सड़क निर्माण में लापरवाही पर चिंता जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के साथ चुनाव बहिष्कार का निर्णय लेने को मजबूर होंगे।
उल्लेखनीय है कि हाल में चमोली प्रशासन ने टंगड़ी तल्ली से टंगड़ी मल्ली मार्ग समेत कई पीएमजीएसवाई मार्गों के सुधारीकरण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
सड़क निर्माण शुरू होने के बाद काम बीच में रुक जाने से ग्रामीणों में















Leave a Reply