15 अगस्त सीमांत गांव गमशाली में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने नागरिकों और सेना को किया नमन
जनगणमन.लाइव
गमशाली (चमोली), 15 अगस्त। भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित सीमांत गांव गमशाली में स्वतंत्रता दिवस का पर्व देशभक्ति, उत्साह और गौरव के साथ मनाया गया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली दौलत सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों के साथ प्रतिभाग किया और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के साथ ही देश की सुरक्षा में तैनात सेना के वीर जवानों को नमन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए दौलत सिंह बिष्ट ने कहा कि सीमांत गांव केवल देश की अंतिम बसाहट नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के जीवंत प्रहरी हैं। सीमा पर तैनात भारतीय सेना देश की प्रथम सुरक्षा पंक्ति है, जबकि सीमांत क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों के बीच अपने गांवों को आबाद रखने वाले नागरिक राष्ट्र की सुरक्षा की महत्वपूर्ण दूसरी पंक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद सीमांत क्षेत्रों के लोग जिस साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के साथ अपने गांवों में रह रहे हैं, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है। सीमांत गांवों की सक्रिय आबादी न केवल सीमा सुरक्षा को मजबूती देती है, बल्कि देश की सांस्कृतिक और सामरिक विरासत को भी सशक्त बनाती है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों को सीमांत क्षेत्रों में उत्साह और तन्मयता के साथ मनाया जाना यहां के लोगों के राष्ट्र के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने गमशाली सहित सभी सीमांत गांवों के नागरिकों तथा देश की रक्षा में तैनात सेना के जवानों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल रहा और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की।
दौलत सिंह बिष्ट ने कहा—
“सीमांत गांवों की मजबूती ही सशक्त भारत की नींव है। सेना और सीमांत नागरिकों का त्याग एवं समर्पण देश की सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है।”














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