पांच सूत्रीय मांगों पर एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो चुनाव बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
जनगणमन.लाईव रुद्रप्रयाग।
रुद्रप्रयाग जनपद के गुप्तकाशी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता ने विभिन्न जनहित से जुड़ी पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग को लेकर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं आम जनता चुनाव बहिष्कार के साथ धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में कहा गया है कि विभागीय लापरवाही के कारण क्षेत्र की जनता लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि गुप्तकाशी से कुंड-कांकड़ा बाईपास मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। जबकि ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक राष्ट्रीय राजमार्ग का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, वहीं गुप्तकाशी से कांकड़ा गाड़ तक का हिस्सा केवल कागजों में ही सिमटकर रह गया है। आरोप लगाया गया कि जहां निर्माण कार्य आसान था, वहां काम किया गया, जबकि कठिन हिस्सों को छोड़ दिया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में सात करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सल्या-तुलंगा मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन जोखिम भरा बन चुका है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
तीसरी मांग के तहत सांसद आदर्श ग्राम देवली भणिग्राम को जोड़ने वाले मुख्य मोटर मार्ग के तत्काल सुधार की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस गांव को विकास का मॉडल बनाया गया था, वहां की मुख्य सड़क आज जिले की सबसे खराब सड़कों में शामिल है।
चौथी मांग में ग्राम पंचायत देवली भणिग्राम के अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र सिरवाणी, पणघारा एवं मानपुर-जखवाण तक लगभग तीन किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सड़क के अभाव में बीमार एवं गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
पांचवीं मांग के रूप में केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गुप्तकाशी में स्वीकृत 50 बेड के उपजिला चिकित्सालय का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल बनने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी तथा पलायन जैसी गंभीर समस्या पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
ज्ञापन में जिलाधिकारी से एक सप्ताह के भीतर पांचों मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई करने तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता चुनाव बहिष्कार, धरना-प्रदर्शन और व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन पर जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर एवं मुहर के साथ अपना समर्थन दर्ज कराया।