बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग पर मुख्यमंत्री का सकारात्मक आश्वासन: ऋषि प्रसाद सती

बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग पर मुख्यमंत्री का सकारात्मक आश्वासन: ऋषि प्रसाद सती जनगणमन.लाइव | उत्तराखंड देहरादून।…

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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों का क्रमिक अनशन शुरू

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के स्थायी कर्मचारियों का क्रमिक अनशन शुरू, मांगों के निस्तारण तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी जनगणमन.लाइव…

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कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों का आंदोलन तेज, काली फीती बांधकर जताया विरोध

कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों का आंदोलन तेज, काली फीती बांधकर जताया विरोध 17 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर धरना और पूर्ण…

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वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च में गरजे कांग्रेसी, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जताया विरोध

वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च में गरजे कांग्रेसी, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जताया विरोध लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत गोपेश्वर में…

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12 अक्टूबर से काली फीती, 17 को कार्य बहिष्कार करेंगे कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी

उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल 12 अक्टूबर से काली फीती, 17 को कार्य बहिष्कार कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंका 12 अक्टूबर…

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कलेक्ट्रेट परिसर में गरजे मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया एक दिवसीय धरना

कलेक्ट्रेट परिसर में गरजे मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया एक दिवसीय धरना जनगणमन.लाईव गोपेश्वर (चमोली)। उत्तरांचल फैडरेशन…

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गोपेश्वर जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर श्री रुद्र सेवा संघ ने उठाई आवाज, 15 दिन का अल्टीमेटम

जनगणमन.लाइव 29 अगस्त गोपेश्वर जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर श्री रुद्र सेवा संघ ने उठाई आवाज, 15…

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टनल हादसे के पीड़ित श्रमिकों को 45 लाख रुपये मुआवजे पर समझौता, एक सप्ताह बाद आंदोलन समाप्त

जनगणमन.लाइव 21 अगस्त टनल हादसे के पीड़ित श्रमिकों को 45 लाख रुपये मुआवजे पर समझौता, एक सप्ताह बाद आंदोलन समाप्त…

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पुल की मांग को लेकर भरदार के ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, भरत चौधरी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

जनगणमन.लाइव 20 अगस्त पुल की मांग को लेकर भरदार के ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, भरत चौधरी और प्रशासन के…

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टनल हादसे के मुआवजे को लेकर श्रमिकों का आंदोलन तेज, परियोजना में काम ठप जनगणमन.लाइव | पीपलकोटी विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हुए टनल हादसे के बाद अब मुआवजे को लेकर श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। मृतक श्रमिकों के परिजनों और हादसे में घायल हुए श्रमिकों के लिए अधिक मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने परियोजना स्थल पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही श्रमिकों ने परियोजना के कार्यों से खुद को अलग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। हिंदुस्तान फेडरेशन यूनियन के बैनर तले हुए प्रदर्शन में श्रमिकों ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती है। वहीं घायल श्रमिकों के उपचार और आगे के जीवन को देखते हुए वर्तमान में घोषित मुआवजा पर्याप्त नहीं है। श्रमिकों ने प्रबंधन से ऐसी सहायता राशि तय करने की मांग की है, जिससे पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत मिल सके। THDC कार्यालय के बाहर पुलिस से हुई बहस आंदोलन के तहत श्रमिक पहले परियोजना परिसर में एकत्र हुए और वहां से जुलूस निकालते हुए THDC कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में प्रवेश को लेकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में THDC अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। श्रमिक प्रतिनिधियों का एक दल परियोजना के अधिशासी निदेशक से मिलने पहुंचा और अपनी मांगों को सामने रखा। दो दिन का समय मांगा, आंदोलन जारी रखने पर अड़े श्रमिक फेडरेशन के महासचिव सोहन कुमार के मुताबिक, प्रबंधन द्वारा हादसे के पीड़ितों के लिए तय की गई मुआवजा राशि श्रमिकों को मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि मृतकों के आश्रितों और घायलों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। बैठक में THDC प्रबंधन ने इस संबंध में निर्णय लेने के लिए दो दिन का समय मांगा है। हालांकि श्रमिकों ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक प्रबंधन की ओर से लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। रैणी आपदा का उदाहरण देकर उठाई मांग श्रमिक नेताओं ने वर्ष 2021 में रैणी में आई आपदा के दौरान मृतकों के परिजनों को दी गई आर्थिक सहायता का हवाला देते हुए कहा कि उस समय NTPC की ओर से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹20 लाख की सहायता के साथ बीमा का लाभ भी मिला था। उनका कहना है कि वर्तमान हादसे में भी पीड़ित परिवारों के साथ इसी तरह संवेदनशील और न्यायपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुआवजा पीड़ित परिवारों की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने प्रबंधन से मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता, घायलों के उपचार एवं पुनर्वास तथा परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। हादसे से पहले भी प्रशासन को दिया था ज्ञापन यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना से दो दिन पहले ही जिलाधिकारी चमोली समेत राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर मुआवजे का मुद्दा उठाया गया था। अब हादसे के बाद श्रमिकों ने मांग पूरी होने तक परियोजना में काम बंद रखने का निर्णय लिया है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित दो दिन में प्रबंधन की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में पवन खंडूरी, शेखर गोस्वामी, गोपाल नेगी, सौरव डंडरियाल, पंकज पुरोहित, समीर शाह, प्रवीण हटवाल, ललित कुलसारी, हरेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में श्रमिक और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।

जनगणमन.लाइव | पीपलकोटी 19 अगस्त विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हुए टनल हादसे के बाद अब मुआवजे को लेकर श्रमिकों का…

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