प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के तहत ग्रामीण आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा की
सरकार का लक्ष्य—ग्रामीण परिवारों को पक्के और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना; राज्यों से गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने का आग्रह
जनगणमन.लाइव | नई दिल्ली | 01 सितंबर 2026
भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के क्रियान्वयन की समीक्षा की। योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के आवास उपलब्ध कराना है।
समीक्षा के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा आवासों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचे और निर्माण प्रक्रिया की स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बुनियादी सुविधाओं से जोड़े जा रहे आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्मित घरों को केवल आवास तक सीमित न रखते हुए शौचालय, बिजली, स्वच्छ पेयजल, रसोई गैस और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने और सुरक्षित आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
योजना के क्रियान्वयन में डिजिटल तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। लाभार्थियों की पहचान, निर्माण की प्रगति और किस्तों के भुगतान की निगरानी के लिए ऑनलाइन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता
सरकार के अनुसार, योजना के तहत महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजनों और अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है। कई मामलों में आवास का स्वामित्व महिला सदस्य या संयुक्त रूप से परिवार के नाम पर सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिल सके।
राज्यों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप निर्माण पर जोर
पर्वतीय, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थानीय जलवायु तथा भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवास निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि निर्माण कार्यों में स्थानीय सामग्री, सुरक्षित डिजाइन और आपदा-रोधी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
सरकार ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा के साथ-साथ लंबित आवासों को शीघ्र पूरा करने के लिए राज्यों के साथ समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।
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