गोपेश्वर श्रमिक कार्ड बनाने में कथित अनियमितताओं और श्रमिकों से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी स्वयं श्रम विभाग के कार्यालय पहुंचे और वहां औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभाग के संबंधित अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। बताया गया कि अधिकारी किसी चाइल्ड रेस्क्यू अभियान में गए हुए हैं।
इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) श्रम सुविधा केंद्र पहुंचे और वहां श्रमिक पंजीकरण की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे लोगों ने अधिकारियों को अपनी समस्याएं बताईं। कई लोगों का कहना था कि वे श्रमिक कार्ड और पंजीकरण के लिए पिछले दो-दो और तीन-तीन दिनों से इंतजार कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी शिकायत और तथ्य सामने आया कि श्रमिक पंजीकरण के लिए लोगों से निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक धनराशि वसूले जाने की बात सामने आई है। इस संबंध में प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि श्रमिक कार्ड बनाने और पंजीकरण को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके चलते उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच गतिमान है और जांच में जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से श्रम विभाग और श्रम सुविधा केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि श्रमिकों को समय पर पंजीकरण की सुविधा क्यों नहीं मिल रही है और निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों में कितनी सच्चाई है।
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