संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी समेत तीन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग, चंपावत में दी गई तहरीर
चंपावत। संसद परिसर में हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तराखंड के चंपावत जिले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठी है।
चंपावत जिले के पाटी थाने में सनातन धर्म के अनुयायी एवं स्थानीय निवासी राजेश बिष्ट ने एक औपचारिक तहरीर देकर संबंधित नेताओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को संसद परिसर के मकर द्वार के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान एक कथित नाटक (स्किट) का मंचन किया गया। आरोप है कि इस प्रस्तुति में कुछ लोगों ने हिंदू साधु-संतों की वेशभूषा धारण की तथा मंदिरों की दान-पेटी जैसी प्रतीत होने वाली सामग्री का उपयोग किया।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इस प्रस्तुति से हिंदू धर्म की आस्था, संत समाज की गरिमा तथा मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले दान की पवित्र परंपरा का अपमान हुआ है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कृत्य धार्मिक भावनाओं को आहत करने और समाज में वैमनस्य फैलाने का सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है।
राजेश बिष्ट ने पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, धारा 196 तथा धारा 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
तहरीर दिए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने या किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।