पुल की मांग को लेकर भरदार के ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, भरत चौधरी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

जनगणमन.लाइव 20 अगस्त

 

पुल की मांग को लेकर भरदार के ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, भरत चौधरी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

 

सेमलता-कफना-डुंगरा मोटर मार्ग पर वर्षों से अधर में लटका है भरदारी पुल, निर्माण की तिथि घोषित करने की मांग पर अड़े ग्रामीण

 

रुद्रप्रयाग। सेमलता-कफना-डुंगरा मोटर मार्ग पर प्रस्तावित भरदारी पुल के निर्माण की मांग को लेकर पश्चिम भरदार क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। पुल निर्माण में लगातार हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों ने रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

 

प्रदर्शनकारियों ने पुल निर्माण की स्पष्ट तिथि घोषित करने की मांग उठाते हुए कहा कि वर्षों से आश्वासन मिलने के बावजूद धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक एवं वर्तमान कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी तथा जिला प्रशासन के खिलाफ भी नारे लगाए।

 

सात साल से पुल का इंतजार

 

ग्रामीणों का कहना है कि सेमलता-कफना-डुंगरा मोटर मार्ग उनके क्षेत्र के कई गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 12 किलोमीटर लंबे इस मोटर मार्ग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और सड़क वर्ष 2022 तक तैयार हो गई, लेकिन भरदारी गदेरे पर प्रस्तावित पुल का निर्माण अब तक लंबित है।

 

पुल के अभाव में सड़क का पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। डूंगरा, कफना, सौंराखाल और सतनी सहित आसपास के गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ता है। वर्ष 2025 में ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए बताया था कि उन्हें करीब 50 से 60 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। पुल बनने के बाद जिला मुख्यालय तक पहुंचने का समय भी काफी कम हो जाएगा।

 

आश्वासन के बावजूद नहीं शुरू हुआ निर्माण

 

पश्चिम भरदार संघर्ष समिति का आरोप है कि पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों को लगातार आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का रुख अपनाते हुए आंदोलन शुरू किया है।

 

17 अगस्त को संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने मुख्य बाजार से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला था। समिति अध्यक्ष अजय पुंडीर ने कहा कि भरदारी पुल पश्चिम भरदार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और ग्रामीण लंबे समय से इसके निर्माण की मांग कर रहे हैं। समिति ने सरकार से शीघ्र निर्माण शुरू करने तथा निर्माण की निश्चित तिथि सार्वजनिक करने की मांग की है।

 

आंदोलन ने पकड़ा जोर

 

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बाद भी पुल नहीं बनने से सरकारी धन से निर्मित सड़क का अपेक्षित लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पा रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और कठिन हो जाती है तथा आवाजाही के लिए ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ता है।

 

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पुल निर्माण को लेकर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें निर्माण कार्य शुरू होने की वास्तविक तारीख चाहिए।

 

भरदार क्षेत्र की पुरानी मांग

 

भरदारी पुल का मुद्दा पिछले कई वर्षों से क्षेत्रीय विकास की प्रमुख मांगों में शामिल रहा है। वर्ष 2025 में गठित भरदार जागरूकता मंच ने भी सेमलता-डूंगरा-कफना-सतनी मोटर मार्ग पर भरदारी गाड़ में पुल निर्माण को क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में शामिल किया था। मंच ने पूर्वी और पश्चिमी भरदार क्षेत्र की 29 ग्राम पंचायतों की विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्ष की बात कही थी।

 

जिला मुख्यालय से संपर्क होगा आसान

 

रुद्रप्रयाग में पहले से चल रही सड़क और पुल परियोजनाओं के बीच भरदार क्षेत्र के इस पुल की मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि क्षेत्र को जिला मुख्यालय से बेहतर और कम दूरी वाले संपर्क की जरूरत है।

 

अलकनंदा नदी पर बन रहे 200 मीटर लंबे पुल और सुरंग परियोजना से भी भरदार क्षेत्र के कई गांवों को जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना से भरदार, रानीगढ़, धनपुर और तल्लानागपुर क्षेत्र के लोगों की आवाजाही सुगम होने की जानकारी पूर्व में सामने आ चुकी है।

 

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि भरदारी पुल की अपनी अलग जरूरत है और इसे दूसरी पुल परियोजनाओं के साथ जोड़कर लंबित नहीं रखा जा सकता।

 

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों के सवाल

 

ग्रामीणों का मुख्य सवाल है कि जब मोटर मार्ग का निर्माण पूरा हो चुका है तो पुल निर्माण में इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है? ग्रामीण यह भी जानना चाहते हैं कि पुल के लिए स्वीकृति, बजट, तकनीकी प्रक्रिया और टेंडर की वर्तमान स्थिति क्या है तथा वास्तविक निर्माण कब शुरू होगा।

 

आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता और मौके पर निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

 

 

ग्रामीणों की मांग साफ—“अब तारीख चाहिए, आश्वासन नहीं”

 

भरदार क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि पुल उनके लिए केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि उत्पादों की आवाजाही और जिला मुख्यालय तक आसान पहुंच से जुड़ा सवाल है। इसलिए सरकार और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर पुल निर्माण की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि सभी औपचारिकताएं पूरी हैं तो मौके पर कार्य शुरू कराना चाहिए।

 

ग्रामीणों के प्रदर्शन से साफ है कि वर्षों से लंबित भरदारी पुल का मुद्दा अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर क्षेत्र के ग्रामीणों और राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

janganman

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share