गोपेश्वर जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर श्री रुद्र सेवा संघ ने उठाई आवाज, 15 दिन का अल्टीमेटम

जनगणमन.लाइव 29 अगस्त
गोपेश्वर जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर श्री रुद्र सेवा संघ ने उठाई आवाज, 15 दिन का अल्टीमेटम­
गोपेश्वर। चमोली के जिला अस्पताल गोपेश्वर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। श्री रुद्र सेवा संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर अस्पताल में आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्काल नियुक्ति की मांग की है। संघ ने शासन-प्रशासन को 15 दिन की समयसीमा देते हुए कहा है कि निर्धारित अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में संघ ने बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की है। संघ का कहना है कि जिला चिकित्सालय गोपेश्वर चमोली के दूर-दराज के गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए प्रमुख उपचार केंद्र है। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त होने से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के अनुसार, विशेष रूप से बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन और नेत्र रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण विभागों में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को दूसरे शहरों की ओर रेफर किया जा रहा है। इससे गरीब, बुजुर्ग, बच्चों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर आर्थिक एवं मानसिक बोझ बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि जुलाई 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी जिला अस्पताल गोपेश्वर में बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन और नेत्र रोग विशेषज्ञ के पदों के रिक्त होने की बात सामने आई थी। वहीं जिला प्रशासन की वेबसाइट पर जिला अस्पताल गोपेश्वर को जनपद के प्रमुख अस्पताल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
15 दिन में नियुक्ति नहीं तो आंदोलन
श्री रुद्र सेवा संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि 15 दिनों के भीतर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति अथवा नियमित वैकल्पिक सेवा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जनहित में आंदोलन किया जाएगा। संघ के अनुसार आंदोलन के प्रथम चरण में लगभग 1,000 से 1,500 लोगों के साथ क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
संघ ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति अथवा अधिकारी के विरोध में नहीं, बल्कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा।
“जनता के स्वास्थ्य से समझौता नहीं”
ज्ञापन में कहा गया है कि चमोली जैसे पर्वतीय जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। मरीजों को छोटी-छोटी विशेषज्ञ सेवाओं के लिए श्रीनगर, ऋषिकेश, देहरादून या अन्य शहरों की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए जिला अस्पताल में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती जरूरी है।
ज्ञापन में “जनता के स्वास्थ्य से समझौता नहीं चलेगा” और “चमोली को विशेषज्ञ डॉक्टर चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं” जैसे संदेशों के साथ शासन-प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
**ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा अधिकारी चमोली, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय गोपेश्वर तथा सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड शासन को भी भेजी गई है।**

जनगणमन.लाइव 9756658854

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