सिक्किम के रिंबी गांव में भूस्खलन से भारी तबाही, कई घर क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश के बीच देर रात पहाड़ दरका, घरों और सरकारी क्वार्टरों पर गिरा मलबा; प्रशासन हाई अलर्ट पर
जनगणमन.लाइव | 25 सितंबर 2026
गंगटोक/ग्यालशिंग। सिक्किम के पश्चिमी जिले ग्यालशिंग के रिंबी गांव में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गुरुवार देर रात एक बार फिर बड़े पैमाने पर भूस्खलन ने तबाही मचा दी। पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टान और मलबा नीचे की ओर आया, जिसकी चपेट में कई घर और सरकारी संपत्तियां आ गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और पावर डिपार्टमेंट के सरकारी क्वार्टरों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
पहले से संवेदनशील था पूरा इलाका
रिंबी में यह पहली भूस्खलन की घटना नहीं है। अगस्त से ही इलाके में लगातार भू-धंसाव और भूस्खलन की गतिविधियां बनी हुई हैं। सिक्किम सरकार के अनुसार अगस्त में रिंबी के 30 और सिंगलिताम के 8 परिवार प्रभावित क्षेत्र में थे। सितंबर में स्थिति और गंभीर हुई तथा 14 सितंबर की भारी बारिश और बाढ़ के बाद रिंबी के 28 घरों में रहने वाले 128 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था।
मलबे और पानी का बढ़ा खतरा
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक रिंबी में भूस्खलन का मलबा निक-खोलसा जलधारा के आसपास जमा हो रहा है। बारिश के दौरान पानी के साथ यह मलबा नीचे रिंबी गांव की ओर पहुंच रहा है। पहले ही एक आरसीसी पुल बह चुका है और मुख्य रिंबी नदी का बहाव भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान जमा पानी और मलबे के अचानक नीचे आने से अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।
सड़क और संपर्क व्यवस्था पर भी असर
भूस्खलन के कारण रिंबी-क्हेचुपेरी क्षेत्र की सड़क और आसपास की कनेक्टिविटी बार-बार प्रभावित हो रही है। इससे स्थानीय लोगों के आवागमन के साथ राहत एवं बचाव कार्यों के सामने भी चुनौती बनी हुई है। इससे पहले 2 सितंबर को भी रिंबी में बड़े भूस्खलन के कारण गेजिंग-पेलिंग-युक्सोम मार्ग पर यातायात बाधित हुआ था।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र, नदियों और नालों के किनारे जाने से बचने तथा भारी बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी रिंबी की स्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हिमालयी क्षेत्रों के लिए फिर बड़ा संकेत
रिंबी की लगातार बिगड़ती स्थिति हिमालयी क्षेत्रों में लंबे समय तक होने वाली भारी बारिश और अस्थिर ढलानों के खतरे को एक बार फिर सामने लाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सिक्किम हिमालय में तीव्र वर्षा भूस्खलन का प्रमुख ट्रिगर हो सकती है, जबकि क्षेत्र की जटिल भूगर्भीय संरचना और खड़ी ढलान संवेदनशीलता को बढ़ाती हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, संभावित नए भूस्खलन की निगरानी और संपर्क व्यवस्था बहाल करना है। लगातार बारिश को देखते हुए रिंबी और आसपास के इलाकों में खतरा अभी टला नहीं है।
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