पुल की मांग को लेकर भरदार के ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, भरत चौधरी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

जनगणमन.लाइव 20 अगस्त पुल की मांग को लेकर भरदार के ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, भरत चौधरी और प्रशासन के…

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सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब में इस वर्ष कपाट खुलने से अब तक दो लाख 62 हजार अब तक

जनगणमन.लाइव 20 अगस्त ज्योतिर्मठ सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब में इस कप में सलाघाट से अब तक दो लाख…

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चमोली में पीआईबी का ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला आयोजित

जनगणमन.लाइव गोपेश्वर 20 अगस्त चमोली में पीआईबी का ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला आयोजित अंतिम व्यक्ति तक केंद्र सरकार की…

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पी एम एम एस वाई से चमोली में ट्राउट मत्स्य पालन को नई रफ्तार, उत्तराखंड में 317 करोड़ से अधिक का निवेश

जनगणमन.लाइव 20 अगस्त पी एम एम एस वाई से चमोली में ट्राउट मत्स्य पालन को नई रफ्तार, उत्तराखंड में 317…

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सड़क निर्माण शुरू होने के बाद काम बीच में रुक जाने से ग्रामीणों में

ज्योतिर्मठ। विकासखंड के टंगड़ी-मल्ली गांव में करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पिछले चार वर्षों से अधूरा पड़ा…

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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज से दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर

जनगणमन.लाइव | देहरादून उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन बुधवार से दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। भारत के उपराष्ट्रपति पद संभालने के…

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मखाना बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया सहारा, सरकार ने विकास के लिए 476 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी

जनगणमन.लाइव | नई दिल्ली 19 अगस्त तालाबों और जलक्षेत्रों में पारंपरिक रूप से उगाई जाने वाली मखाने की फसल अब…

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टनल हादसे के मुआवजे को लेकर श्रमिकों का आंदोलन तेज, परियोजना में काम ठप

जनगणमन.लाइव | पीपलकोटी 19 अगस्त विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हुए टनल हादसे के बाद अब मुआवजे को लेकर श्रमिकों का…

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टनल हादसे के मुआवजे को लेकर श्रमिकों का आंदोलन तेज, परियोजना में काम ठप जनगणमन.लाइव | पीपलकोटी विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हुए टनल हादसे के बाद अब मुआवजे को लेकर श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। मृतक श्रमिकों के परिजनों और हादसे में घायल हुए श्रमिकों के लिए अधिक मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने परियोजना स्थल पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही श्रमिकों ने परियोजना के कार्यों से खुद को अलग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। हिंदुस्तान फेडरेशन यूनियन के बैनर तले हुए प्रदर्शन में श्रमिकों ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती है। वहीं घायल श्रमिकों के उपचार और आगे के जीवन को देखते हुए वर्तमान में घोषित मुआवजा पर्याप्त नहीं है। श्रमिकों ने प्रबंधन से ऐसी सहायता राशि तय करने की मांग की है, जिससे पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत मिल सके। THDC कार्यालय के बाहर पुलिस से हुई बहस आंदोलन के तहत श्रमिक पहले परियोजना परिसर में एकत्र हुए और वहां से जुलूस निकालते हुए THDC कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में प्रवेश को लेकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में THDC अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। श्रमिक प्रतिनिधियों का एक दल परियोजना के अधिशासी निदेशक से मिलने पहुंचा और अपनी मांगों को सामने रखा। दो दिन का समय मांगा, आंदोलन जारी रखने पर अड़े श्रमिक फेडरेशन के महासचिव सोहन कुमार के मुताबिक, प्रबंधन द्वारा हादसे के पीड़ितों के लिए तय की गई मुआवजा राशि श्रमिकों को मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि मृतकों के आश्रितों और घायलों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। बैठक में THDC प्रबंधन ने इस संबंध में निर्णय लेने के लिए दो दिन का समय मांगा है। हालांकि श्रमिकों ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक प्रबंधन की ओर से लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। रैणी आपदा का उदाहरण देकर उठाई मांग श्रमिक नेताओं ने वर्ष 2021 में रैणी में आई आपदा के दौरान मृतकों के परिजनों को दी गई आर्थिक सहायता का हवाला देते हुए कहा कि उस समय NTPC की ओर से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹20 लाख की सहायता के साथ बीमा का लाभ भी मिला था। उनका कहना है कि वर्तमान हादसे में भी पीड़ित परिवारों के साथ इसी तरह संवेदनशील और न्यायपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुआवजा पीड़ित परिवारों की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने प्रबंधन से मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता, घायलों के उपचार एवं पुनर्वास तथा परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। हादसे से पहले भी प्रशासन को दिया था ज्ञापन यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना से दो दिन पहले ही जिलाधिकारी चमोली समेत राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर मुआवजे का मुद्दा उठाया गया था। अब हादसे के बाद श्रमिकों ने मांग पूरी होने तक परियोजना में काम बंद रखने का निर्णय लिया है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित दो दिन में प्रबंधन की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में पवन खंडूरी, शेखर गोस्वामी, गोपाल नेगी, सौरव डंडरियाल, पंकज पुरोहित, समीर शाह, प्रवीण हटवाल, ललित कुलसारी, हरेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में श्रमिक और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।

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नौ माह से नहीं हुई बीडीसी बैठक, ग्राम प्रधान संगठन ने उठाए सवाल

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