रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री
ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून, 21 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों को अपनी योजनाओं का प्रभावी और समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए और पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जाएं।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन की स्थिति, रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में आयोग की ओर से विभिन्न जनपदों में आयोजित की जा रही प्रवासी पंचायतों, पलायन निवारण कार्यक्रमों और स्वरोजगार जागरूकता अभियानों की जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। आयोग के सदस्यों ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और रिवर्स पलायन को गति देने के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए विभागों को अलग-अलग नहीं, बल्कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
गांव स्तर तक पहुंचे योजनाओं की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार और आजीविका से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों और बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने प्रक्रियाओं को सरल बनाने और योजनाओं की जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
स्थानीय संसाधनों से बढ़ेगा स्वरोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय कौशल को रोजगार से जोड़ते हुए युवाओं को अपने गांवों में ही आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, ब्रांडिंग और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवर्स पलायन केवल रोजगार उपलब्ध कराने से संभव नहीं होगा, बल्कि गांवों में बेहतर आजीविका, सुविधाएं और भविष्य की संभावनाएं विकसित करनी होंगी। इसके लिए सभी विभागों को परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ मिलकर कार्य करना होगा।
बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी, सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली एवं रंजना रावत, सचिव धीराज गर्ब्याल, डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अहमद इकबाल, अपर सचिव सौरभ गहरवार, अनुराधा पाल एवं संतोष बडोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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