ग्रामीणों ने खुद बनाई सड़क, अब शासन ने दी प्रथम चरण की वित्तीय स्वीकृति

ग्रामीणों ने खुद बनाई सड़क, अब शासन ने दी प्रथम चरण की वित्तीय स्वीकृति

 

सिंद्रवाणी से सकण्ड तक 9.50 किमी मोटर मार्ग के नव निर्माण को मिली प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था ग्रामीणों के श्रम का वीडियो

 

जनगणमन.लाइव

22 सितंबर 2026

 

चमोली। विकास की राह में सरकारी इंतजार से आगे निकलकर ग्रामीणों ने अपने दम पर सड़क तैयार कर एक मिसाल पेश की। चमोली जिले की कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के सिंद्रवाणी से सकण्ड तक मोटर मार्ग को लेकर ग्रामीणों द्वारा सड़क तैयार किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद अब शासन स्तर से इस सड़क के नव निर्माण कार्य के प्रथम चरण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

 

लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड शासन की ओर से 21 सितंबर 2026 को जारी पत्र में सिंद्रवाणी से सकण्ड मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्य को स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार मार्ग की लंबाई 9.500 किलोमीटर है तथा प्रथम चरण के आगणन में 15.68 लाख रुपये की धनराशि का उल्लेख किया गया है।

 

शासन के पत्र में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग पौड़ी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रथम चरण के आगणन के आधार पर शासन स्तर पर परीक्षण के बाद सर्वेक्षण धनराशि 15.68 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय के लिए 10 हजार रुपये की धनराशि प्रावधानित किए जाने की भी बात पत्र में कही गई है।

 

ग्रामीणों की पहल बनी चर्चा का विषय

 

इस सड़क को लेकर ग्रामीणों की पहल उस समय चर्चा में आई जब सड़क निर्माण के लिए सरकारी व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय ग्रामीण स्वयं श्रमदान करते नजर आए। ग्रामीणों द्वारा सड़क तैयार किए जाने के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसके बाद सड़क को सरकारी स्तर पर स्वीकृति मिलने की प्रक्रिया ने गति पकड़ी।

 

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृति के आधार पर विभाग आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करेगा और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करेगा। DPR पर शासन से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

 

अर्थात फिलहाल इसे सड़क निर्माण की पूरी लागत की अंतिम मंजूरी के बजाय प्रथम चरण की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। आगे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और उसके अनुमोदन के बाद निर्माण की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

 

ग्रामीणों के श्रम से शासन की स्वीकृति तक पहुंची सड़क

 

सिंद्रवाणी-सकण्ड मोटर मार्ग का मामला इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि जहां अक्सर ग्रामीण वर्षों तक सड़क की मांग को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं, वहीं यहां ग्रामीणों ने स्वयं सड़क बनाने की पहल कर अपनी जरूरत को सामने रखा। सोशल मीडिया के माध्यम से मामला व्यापक स्तर पर सामने आने के बाद अब शासन ने प्रथम चरण की स्वीकृति जारी की है।

 

अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि DPR कब तैयार होती है और सड़क के शेष निर्माण के लिए वास्तविक बजट कब स्वीकृत होकर धरातल पर काम शुरू होता है।

  1. गौरतलब : है कि शासन पत्र संख्या 434266/ई-104752, दिनांक 21 सितंबर 2026, लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड शासन। पत्र में मार्ग को सिंद्रवाणी से सकण्ड, लंबाई 9.500 किमी तथा प्रथम चरण की स्वीकृति का उल्लेख है।

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