कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों का आंदोलन तेज, काली फीती बांधकर जताया विरोध
17 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर धरना और पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान, छह सूत्रीय मांगों पर शासन से कार्रवाई की मांग
जनगणमन.लाइव | 12 अक्टूबर 2026
गोपेश्वर (चमोली)। वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने से नाराज उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। प्रांतीय संगठन के आह्वान पर सोमवार को चमोली जनपद के कलेक्ट्रेट मुख्यालय गोपेश्वर सहित जिले की सभी तहसीलों में कर्मचारियों ने बांह पर काली फीती बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जिला कार्यकारिणी कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ, चमोली के अध्यक्ष राकेश सिंह नेगी एवं जिला मंत्री गिरिजा प्रसाद कोटियाल के नेतृत्व में आयोजित विरोध कार्यक्रम में जिला कार्यालय परिसर गोपेश्वर के साथ चमोली, ज्योतिर्मठ, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, थराली, पोखरी, आदिबद्री और नंदानगर तहसीलों के कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने काली फीती बांधकर शासकीय कार्यों का संपादन करते हुए अपनी लंबित मांगों के प्रति शासन का ध्यान आकर्षित किया।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल संवर्ग की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। कई बार मांगें उठाए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। संघ अब चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगों के निराकरण के लिए दबाव बनाएगा।
### कलेक्ट्रेट ढांचे के पुनर्गठन से लेकर ग्रेड पे संशोधन तक उठीं मांगें
कर्मचारी संघ ने शासन के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें वर्ष 2005 से लंबित कलेक्ट्रेट ढांचे के पुनर्गठन की प्रक्रिया का निस्तारण तथा कलेक्ट्रेट को विशिष्ट कार्यालय अथवा विभाग का दर्जा देने की मांग प्रमुख है।
संघ ने कनिष्ठ सहायक पद की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक करने और इसके अनुरूप विभिन्न पदों के ग्रेड पे में संशोधन की मांग की है। प्रस्तावित ग्रेड पे के अनुसार कनिष्ठ सहायक के लिए 2800, वरिष्ठ सहायक के लिए 4200, प्रधान सहायक के लिए 4600, प्रशासनिक अधिकारी के लिए 4800, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के लिए 5400 तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के लिए 6600 ग्रेड पे निर्धारित करने की मांग शामिल है।
इसके अतिरिक्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने, नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए कलेक्ट्रेट संवर्ग को 10 प्रतिशत कोटा देने तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रिक्त पदों पर शासनादेश के अनुसार समयबद्ध पदोन्नति की मांग की गई है।
संघ ने पारस्परिक और निजी अनुरोध के आधार पर लंबित स्थानांतरण प्रार्थना-पत्रों का भी शीघ्र निस्तारण करने की मांग उठाई है।
### 17 अक्टूबर को धरना, पूर्ण कार्य बहिष्कार की तैयारी
संघ ने अपने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित कर दी है। इसके तहत 12 से 14 अक्टूबर तक कर्मचारी काली फीती बांधकर शासकीय कार्य करते हुए विरोध जारी रखेंगे।
इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना और पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र निराकरण की अपील की जाएगी।
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि सांकेतिक विरोध के बाद भी शासन स्तर से मांगों पर त्वरित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
### ये रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष राकेश सिंह नेगी, जिला मंत्री गिरिजा प्रसाद कोटियाल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष सिंह रावत, अबल सिंह बिष्ट, अबल सिंह खत्री, जितेन्द्र राजपूत, दिनेश चन्द्र खण्डूड़ी, मेराज सादिक सहित प्रियंका बरमोला, उषा, अपूर्वा और संघ की जिला कार्यकारिणी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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