बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के स्थायी कर्मचारियों का क्रमिक अनशन शुरू, मांगों के निस्तारण तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
जनगणमन.लाइव | 13 अक्टूबर 2026
केदारनाथ। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के केदारनाथ मंदिर में कार्यरत अस्थायी वेतनभोगी कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों का निस्तारण नहीं होने पर आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने 12 अक्टूबर 2026 को मंदिर समिति के प्रभारी को पत्र सौंपकर क्रमिक अनशन शुरू करने की सूचना दी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल तक बढ़ाया जा सकता है।
कर्मचारियों की ओर से दिए गए पत्र के अनुसार, मंदिर समिति के अधीन लगभग 300 अस्थायी कार्मिक दशकों से विभिन्न धामों में सेवारत हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि इन कर्मचारियों के माध्यम से मंदिरों में पूजा-पाठ एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन कराया जाता है, लेकिन उनके मानदेय और सेवा संबंधी समस्याओं का उचित समाधान नहीं हो पा रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभागीय कार्यों के दौरान कुछ कार्मिकों के साथ दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें एक दर्शन कार्मिक की मृत्यु होने के बावजूद उसके परिवार अथवा आश्रितों को अपेक्षित सहायता नहीं मिलने की बात कही गई है। कर्मचारियों ने इसे गंभीर और अमानवीय स्थिति बताते हुए विभाग से लंबित मामलों के निस्तारण की मांग की है।
मांगों के समाधान के लिए पहले भी उठाया था मुद्दा
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी अपनी मांगों के समाधान के लिए संबंधित कार्यालय को अवगत कराया था और आंदोलन की चेतावनी दी थी, लेकिन उनके अनुसार अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नाराज कर्मचारियों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक क्रमिक अनशन
पत्र में दी गई सूचना के मुताबिक, अस्थायी वेतनभोगी कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मंदिर प्रांगण में एक सप्ताह तक क्रमिक अनशन करेंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि में भी उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
कर्मचारियों ने मंदिर समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों, मुख्य कार्याधिकारी तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और लंबित मांगों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की है।
फिलहाल, कर्मचारियों के आंदोलन के बीच मंदिर समिति प्रबंधन की ओर से इस पत्र और मांगों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
Leave a Reply