जोशीमठ दौरे पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को सौंपा ज्ञापन, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास से जुड़ी प्रमुख मांगें उठाईं
जनगणमन.लाईव
जोशीमठ। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के जोशीमठ आगमन पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार सृजन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें मंत्री के समक्ष रखी गईं।
ज्ञापन में मांग की गई कि जोशीमठ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल के रूप में विकसित किया जाए तथा यहां विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाए। ज्ञापन में कहा गया कि यह अस्पताल नीति-माणा घाटी सहित पूरे सीमांत क्षेत्र और बदरीनाथ धाम यात्रा मार्ग का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। वर्तमान में सीमित बेड क्षमता और संसाधनों के अभाव में मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पा रहा है तथा गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की।
इसके अलावा नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र को नियंत्रित एवं व्यवस्थित पर्यटन गतिविधियों के लिए खोलने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा पर्यटकों और शोधकर्ताओं को क्षेत्र की जैव विविधता, दुर्लभ वन्यजीवों, वनस्पतियों और हिमालयी शिखरों को नजदीक से देखने का अवसर प्राप्त होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने चिपको आंदोलन की प्रेरणास्रोत गौरा देवी की कर्मभूमि रेणी गांव में गेस्ट हाउस और संग्रहालय (म्यूजियम) के निर्माण की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इससे पर्यटकों और शोधकर्ताओं को गौरा देवी के जीवन और चिपको आंदोलन के इतिहास को समझने में सहायता मिलेगी तथा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
ज्ञापन में सलूड क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बताया गया कि सलूड, विश्व प्रसिद्ध रम्माण सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है तथा यहां से बड़ी संख्या में पर्यटक औली ट्रेक के लिए जाते हैं। क्षेत्र तक मोटर मार्ग निर्माण होने से होमस्टे, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला पंचायत सदस्य आयुषी बुटोला, प्रदीप राणा, सरपंच हरेंद्र रावत, लक्ष्मण सिंह बुटोला तथा धर्मेंद्र राणा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।