जनगणमन.लाइव। बदरीनाथ, 22 अगस्त
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारियों की नाराजगी अभी कम होती नहीं दिख रही है। शनिवार को बदरीनाथ पहुंचे मंदिर समिति के सदस्य एवं बीकेटीसी प्रवक्ता राकेश भंडारी ने कर्मचारियों संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और कर्मचारियों ने समिति के पदाधिकारियों के प्रति अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

सूत्रों के हवाले से कर्मचारियों का कहना था कि हाल के चढ़ावा प्रकरण के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों में से कोई भी कर्मचारियों की बात सुनने अथवा उनका पक्ष जानने के लिए उनके बीच नहीं पहुंचा। इसे लेकर कर्मचारियों में खासा रोष बताया जा रहा है।
बैठक में कर्मचारियों ने ड्यूटी अवधि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक ड्यूटी कराई जा रही है, जबकि अन्य व्यवस्था से जुड़े कर्मियों की ड्यूटी अवधि अलग है। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अब आठ घंटे से अधिक ड्यूटी नहीं करेंगे।

कर्मचारियों ने पीआरडी जवानों और बीकेटीसी कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। कर्मचारियों का कहना था कि जब पीआरडी जवान और बीकेटीसी कर्मचारी एक जैसी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं तो दोनों की ड्यूटी अवधि में इतना अंतर क्यों है। कर्मचारियों ने यह भी सवाल उठाया कि पीआरडी जवानों की ड्यूटी शाम पांच बजे तक सीमित रहती है, जबकि बीकेटीसी कर्मचारियों को देर रात तक काम करना पड़ता है। साथ ही दोनों के मानदेय और वेतन में भी बड़ा अंतर होने की बात कही गई।
बैठक में समिति के दर्जाधारी पदाधिकारियों को लेकर भी कर्मचारियों का आक्रोश सामने आया। सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण प्रकरण के बाद भी समिति के जिम्मेदार लोग कर्मचारियों से संवाद स्थापित करने नहीं पहुंचे, जिससे असंतोष बढ़ता गया।
चढ़ावा प्रकरण की जांच को लेकर भी कर्मचारियों ने सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मंदिर परिसर और ड्यूटी व्यवस्था में कई विभागों एवं एजेंसियों के कर्मचारी तैनात रहते हैं, लेकिन जांच और पूछताछ का दायरा मुख्य रूप से बीकेटीसी कर्मचारियों तक ही सीमित क्यों दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों ने इस मामले में निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग उठाई है।
हालांकि बैठक में किन-किन बिंदुओं पर सहमति बनी और बीकेटीसी प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को क्या आश्वासन दिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन बैठक के बाद सूत्रों के माध्यम से बाहर आए इन मुद्दों ने यह साफ कर दिया है कि बीकेटीसी कर्मचारियों में ड्यूटी व्यवस्था, वेतन संबंधी असमानता और चढ़ावा प्रकरण की जांच को लेकर गंभीर नाराजगी बनी हुई है।














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