उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल 12 अक्टूबर से काली फीती, 17 को कार्य बहिष्कार कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंका
12 अक्टूबर से काली फीती, 17 को कार्य बहिष्कार और धरना; मांगें पूरी न हुईं तो 31 अक्टूबर को तय होगी अगली रणनीति
जनगणमन.लाइव
देहरादून, 06 अक्टूबर 2026
कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राकेश सिंह नेगी ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। देहरादून में हुई संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में राकेश सिंह नेगी के नेतृत्व में कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों पर मंथन किया गया। बैठक में शासन स्तर से शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया।
राकेश सिंह नेगी ने कहा कि कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संवर्ग प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ है। कर्मचारी शासन की योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी जायज मांगें वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि लगातार मांग उठाने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में स्वाभाविक रूप से आक्रोश और असंतोष बढ़ रहा है।
12 अक्टूबर से शुरू होगा आंदोलन
राकेश सिंह नेगी ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण में 12 से 14 अक्टूबर तक प्रदेशभर के कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी काली फीती बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे।
इसके बाद 17 अक्टूबर को प्रदेश के सभी कलेक्ट्रेट मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना एवं कार्य बहिष्कार किया जाएगा। कर्मचारी जिलाधिकारियों के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजेंगे।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यदि शासन ने मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया तो 31 अक्टूबर को प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
कलेक्ट्रेट ढांचे से लेकर पदोन्नति तक प्रमुख मांगें
राकेश सिंह नेगी ने बताया कि संघ की प्रमुख मांगों में कलेक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन, कलेक्ट्रेट को विशेष कार्यालय/विभाग का दर्जा, कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों के ग्रेड-पे में सुधार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करना तथा नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए कलेक्ट्रेट संवर्ग को 10 प्रतिशत कोटा दिए जाने की मांग शामिल है।
इसके अलावा वरिष्ठ एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने तथा पारस्परिक एवं निजी अनुरोध के आधार पर लंबित स्थानांतरण प्रकरणों का निस्तारण करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
‘सरकार से टकराव नहीं, सम्मानजनक समाधान चाहते हैं’
प्रांतीय अध्यक्ष राकेश सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य शासन और प्रशासन से टकराव पैदा करना नहीं है। संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समाधान चाहता है।
उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र, सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि शासन स्तर से उचित पहल होती है तो कर्मचारियों को आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
बैठक में प्रांतीय महामंत्री नवीन मोहन शर्मा सहित प्रांतीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे
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