दुःखद समाचार: केदारनाथ जी के पूर्व मुख्य पुजारी गुरुलिंग जी महाराज हीरेमठ लिंगैक्य

लाजनगणमन .लाइव 17 अगस्त

केदारनाथ। श्री केदारनाथ धाम के पूर्व मुख्य पुजारी एवं वरिष्ठ शिव उपासक श्री वेद मूर्ति गुरुलिंग जी महाराज हीरेमठ के लिंगैक्य होने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। उन्होंने बीती रात करीब 12:30 बजे बेंगलुरु में लगभग 80 वर्ष की आयु में देह त्याग किया।

 

गुरुलिंग जी महाराज वर्ष 1970-71 में पुजारी के रूप में श्री केदारनाथ मंदिर प्रतिष्ठान में नियुक्त हुए थे। उन्होंने करीब चार दशकों तक भगवान श्री केदारनाथ जी की सेवा पुजारी एवं मुख्य पुजारी के रूप में की। वीर शैव लिंगायत जंगम हीरेमठ परंपरा से जुड़े गुरुलिंग जी महाराज का परिवार कई पीढ़ियों से बाबा केदारनाथ की सेवा से जुड़ा रहा है।

 

वर्तमान में उनके ज्येष्ठ पुत्र श्री शिव शंकर लिंग जी महाराज हीरेमठ श्री केदारनाथ प्रतिष्ठान के वरिष्ठ मुख्य पुजारियों में हैं और इस वर्ष श्री मध्यमहेश्वर जी में पुजारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

 

गुरुलिंग जी महाराज के सुपुत्र स्वर्गीय मृत्युंजय लिंग जी महाराज भी शिव भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उनका कुछ वर्ष पूर्व अल्पायु में ही लिंगैक्य होना परिवार एवं शिव भक्तों के लिए गहरा आघात था।

 

गुरुलिंग जी महाराज के दादा के भाई 1008 श्री श्री श्री शांत लिंग जी महाराज भी श्री केदारनाथ जी के पूर्व रावल रहे थे। उनके कार्यकाल में ही श्री केदारनाथ मंदिर के प्रशासन की व्यवस्था रावल जी के हाथों से श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को हस्तांतरित हुई थी।

 

गुरुलिंग जी महाराज के एक सुपुत्र उत्तराखंड सरकार के आयुर्वेद विभाग में चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनके सबसे छोटे पुत्र बेंगलुरु में कार्यरत हैं।

 

गुरुलिंग जी महाराज के लिंगैक्य होने का समाचार केदारनाथ धाम, मंदिर से जुड़े पुजारी समाज, उनके अनुयायियों और शिव भक्तों के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से बाबा केदार की सेवा की एक महत्वपूर्ण परंपरा से जुड़े वरिष्ठ सेवक का अवसान हुआ है।

 

बाबा केदारनाथ जी से प्रार्थना है कि वे अपने अनन्य सेवक श्री गुरुलिंग जी महाराज को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार, परिजनों और समस्त शिव भक्तों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

 

ॐ नमः शिवाय।

हर हर महादेव।

janganman

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share