सेना के सहयोग से सीमांत चमतोली ढाक में हर्बल उत्पादन एवं पैकेजिंग केंद्र शुरू
जनगणमन.लाइव | 20 सितंबर 2026
चमोली। सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं की आय बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भारतीय सेना की पहल के तहत चमोली जिले के सीमांत गांव चमतोली ढाक में हर्बल उत्पादन एवं पैकेजिंग केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। केंद्र में आधुनिक मशीनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित जड़ी-बूटियों सहित अन्य पहाड़ी उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

कार्यक्रम में मध्य कमान के लेफ्टिनेंट जनरल सेन गुप्ता अपनी पत्नी सहित सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। इस पहल का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय आजीविका के अवसरों को मजबूत करना है।

ग्रामीणों के अनुसार चमतोली ढाक और आसपास के सीमांत क्षेत्र में बड़ी मात्रा में जड़ी-बूटियां, शुद्ध घी और शहद का उत्पादन होता है। हालांकि उचित पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से सीधा जुड़ाव नहीं होने के कारण उत्पादकों को अपने उत्पादों का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता था।

ग्रामीणों ने बताया कि आधुनिक पैकेजिंग एवं उत्पादन मशीनें उपलब्ध होने से अब स्थानीय उत्पादों को आकर्षक और गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग के साथ बाजार में उतारा जा सकेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार में पहचान मिलने के साथ ही ग्रामीणों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
ऑनलाइन बाजार से मिलेगा वैश्विक मंच
हर्बल उत्पादन एवं पैकेजिंग केंद्र के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा सकेगा। इससे सीमांत गांवों में तैयार होने वाले जड़ी-बूटी उत्पाद, शहद और घी जैसे उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में सक्षम हो सकेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को लगातार बेहतर किया जाए तो सीमांत क्षेत्र के इन उत्पादों की बाजार में अलग पहचान बनाई जा सकती है। इससे स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को भी बढ़ावा मिलेगा।अरुण बिष्ट,















Leave a Reply