बदरीनाथ धाम में हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया गहरा शोक, धाम की मर्यादा बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग
हेलीकॉप्टर हादसे की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और चारधाम क्षेत्र में डीजे, नाच-गाने व व्यावसायिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने की उठाई मांग
जनगणमन.लाइव | 31 अक्टूबर 2026
बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु पर परमाराध्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना पर संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
शंकराचार्य महाराज ने कहा कि इस भीषण त्रासदी से मन अत्यंत व्यथित है। तीर्थयात्रा पर आए श्रद्धालुओं की इस तरह असमय मृत्यु होना अत्यंत दुखद है। उन्होंने दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने पर जोर
शंकराचार्य ने बदरीनाथ धाम सहित समूचे तीर्थक्षेत्र की प्राचीन परंपराओं, पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा की रक्षा पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धाम परिसर एवं पवित्र यात्रा मार्गों पर डीजे बजाना, नाच-गाना और मनोरंजन के नाम पर व्यावसायिक कार्यक्रम आयोजित करना तीर्थस्थल की गरिमा और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि के तीर्थस्थलों की अपनी विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान और धार्मिक मान्यताएं हैं। इनकी मौलिक प्रकृति एवं परंपराओं को सुरक्षित रखना आवश्यक है। तीर्थस्थलों को मनोरंजन और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के बजाय उनकी धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
उत्तराखंड सरकार से तीन प्रमुख मांगें
शंकराचार्य महाराज ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से दुर्घटना तथा धाम की मर्यादा से जुड़े विषयों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने हेलीकॉप्टर दुर्घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, मौसम संबंधी परिस्थितियों अथवा व्यावसायिक दबाव जैसे संभावित कारणों की गहनता से पड़ताल होनी चाहिए।
इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं के उड्डयन सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त बनाने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने बदरीनाथ धाम सहित प्रमुख तीर्थक्षेत्रों में धार्मिक मर्यादा के विपरीत होने वाली डीजे, नाच-गाने और व्यावसायिक मनोरंजन कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए स्पष्ट एवं कठोर नीति बनाने की भी मांग की।
शंकराचार्य महाराज ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और तीर्थस्थलों की आध्यात्मिक गरिमा की रक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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